वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोना आज भी सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता है, खासकर तब जब शेयर बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बढ़ती है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार World Gold Council भी पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखने के लिए सोने की हिस्सेदारी रखने की सलाह देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि सोना महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन के खिलाफ सुरक्षा देता है। जब ब्याज दरों, भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ता है, तब निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ आमतौर पर कुल निवेश का 5% से 15% हिस्सा सोने में रखने की सलाह देते हैं, ताकि जोखिम संतुलित रहे।
हालांकि, निवेशकों को केवल सोने पर निर्भर रहने की बजाय विविध पोर्टफोलियो बनाए रखने की सलाह दी जाती है। बाजार की स्थिति और निवेश लक्ष्य के अनुसार सोने, इक्विटी और डेट जैसे विकल्पों का संतुलित मिश्रण ही बेहतर रिटर्न और सुरक्षा दे सकता है।


