Fortune India के Most Powerful Women (MPW) 2026 कार्यक्रम में देश की उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में शानदार काम कर नई पहचान बनाई है. इस प्रतिष्ठित सूची में इस बार रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी पहले स्थान पर रहीं. दूसरे स्थान पर एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा का नाम रहा, जबकि तीसरे स्थान पर अपोलो हॉस्पिटल्स से जुड़ी रेड्डी बहनों- शोभना कामिनेनी, संगीता रेड्डी, प्रीथा रेड्डी और सुनीता रेड्डी को जगह मिली. इन सभी महिलाओं ने अपने नेतृत्व और काम के दम पर अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत पहचान बनाई है.
कार्यक्रम में RPSG ग्रुप के वाइस चेयरमैन शाश्वत गोयनका ने महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि असली नेतृत्व सिर्फ सफलता हासिल करने में नहीं, बल्कि दूसरों के लिए नए अवसर तैयार करने में भी होता है. उन्होंने कहा कि आज कई महिलाएं ऐसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं, जहां कभी उनके लिए अवसर बेहद सीमित हुआ करते थे. उन्होंने इन महिलाओं को बदलाव की असली ताकत बताते हुए कहा कि इन्होंने अपने काम से कई लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है.
शाश्वत गोयनका ने अपने परिवार की महिलाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने अपनी मां प्रीति गोयनका, पत्नी शिविका गोयनका और बहन अवर्णा जैन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक और कारोबारी संस्थानों को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी दोनों बेटियां भी भविष्य में ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाओं की कतार में शामिल हों.
सम्मान मिलने के बाद नीता अंबानी ने कहा कि उनके लिए नेतृत्व का मतलब केवल आगे बढ़ना नहीं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ने का अवसर देना है. उन्होंने कहा कि समाज में दया, संवेदनशीलता, समानता और सम्मान जैसी भावनाओं को बढ़ावा देना भी नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने बताया कि रिलायंस फाउंडेशन अपनी विभिन्न सामाजिक पहलों के जरिए अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुका है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि बेटियों और महिलाओं को शिक्षा, अवसर और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा तो देश की प्रगति और तेज होगी.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि विकसित भारत का सपना महिलाओं की बराबर भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना समावेशी विकास संभव नहीं है. उन्होंने महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और वित्तीय सशक्तिकरण को भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया.






