नई दिल्ली। वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारत ने बड़ा कदम उठाया है। Food Corporation of India (FCI) और World Food Programme (WFP) के बीच हुए समझौते के तहत भारत दुनिया के जरूरतमंद देशों को दो लाख टन चावल की आपूर्ति करेगा। इस पहल का उद्देश्य संघर्ष, आपदा और खाद्य संकट से जूझ रहे देशों में भूख और कुपोषण से लड़ाई को मजबूती देना है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह चावल एफसीआई के भंडार से उपलब्ध कराया जाएगा और डब्ल्यूएफपी के जरिए विभिन्न देशों तक पहुंचाया जाएगा। भारत पहले भी कई देशों को मानवीय सहायता के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराता रहा है। इस समझौते को ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और खाद्य कूटनीति के रूप में देखा जा रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, जलवायु परिवर्तन और संघर्षों के कारण दुनिया के कई हिस्सों में खाद्य संकट गहरा रहा है। ऐसे समय में भारत की यह पहल वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा देगी।


