जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों के सामने आने के बाद एक बार फिर वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन दस्तावेज़ों में एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग जैसे दिग्गज टेक लीडर्स के नाम एपस्टीन की कथित ‘उन्मादी’ पार्टियों से जुड़े संदर्भों में सामने आए हैं। इन खुलासों के बाद मस्क के पुराने बयानों और दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, इन फाइलों में लगाए गए आरोपों को लेकर अब तक किसी भी संबंधित व्यक्ति की ओर से औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये दस्तावेज़ कानूनी प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं और इनमें दर्ज आरोपों को अंतिम सच मानने से पहले जांच और जवाबों का इंतजार जरूरी है। इससे पहले भी एपस्टीन केस में कई नाम सामने आए थे, जिन पर बाद में सफाई या खंडन किया गया।
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इस बीच सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। एक ओर जहां पारदर्शिता की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या इन खुलासों का इस्तेमाल सार्वजनिक छवि को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं तस्वीर को और साफ कर सकती हैं।


