रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के चर्चित मेडिकल घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹80.36 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। यह मामला मेडिकल उपकरण और री-एजेंट की खरीद में टेंडर हेरफेर से जुड़ा है, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया कि मोक्शित कॉरपोरेशन, CGMSCL और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी मांग तैयार कर उपकरण ऊंची कीमत पर खरीदे गए। साथ ही ट्रेनिंग और मेंटेनेंस के नाम पर भी फर्जी एग्रीमेंट कर रकम को अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर किया गया।
ED ने यह कार्रवाई PMLA के तहत ACB/EOW की एफआईआर के आधार पर की है। अब तक इस केस में कुल लगभग ₹123 करोड़ की संपत्तियां अटैच या जब्त की जा चुकी हैं।
एजेंसी के अनुसार जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


