यूएई से जुड़े लगभग ₹500 करोड़ के बड़े कारोबारी विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने मामले के समाधान के लिए देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश Uday Umesh Lalit को मध्यस्थ (मीडिएटर) नियुक्त करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे इस वित्तीय विवाद को अदालत के बाहर बातचीत और मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व CJI की देखरेख में दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यस्थता की प्रक्रिया गोपनीय होगी और तय समय सीमा के भीतर इसकी प्रगति की रिपोर्ट अदालत को दी जाएगी। कोर्ट का मानना है कि इतने बड़े आर्थिक विवाद में न्यायिक हस्तक्षेप के साथ-साथ समझौते की प्रक्रिया भी प्रभावी साबित हो सकती है।
मामला यूएई से जुड़े लगभग ₹500 करोड़ के वित्तीय लेन-देन और अनुबंध संबंधी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें मध्यस्थता प्रक्रिया पर हैं, क्योंकि यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो लंबे समय से लंबित यह मामला अदालत के बाहर ही सुलझ सकता है।


