करीब ₹11.4 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर Central Bureau of Investigation (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसी ने पांच राज्यों के नोडल अधिकारियों, कई फर्जी शिक्षण संस्थानों और कुछ छात्रों को इस मामले में आरोपी बनाया है। आरोप है कि सरकारी छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ संस्थानों ने अस्तित्व में न होने वाले या पात्रता न रखने वाले छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति की रकम का दावा किया। इसके लिए फर्जी प्रवेश रिकॉर्ड, दस्तावेज और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। योजना के तहत जारी होने वाली सरकारी राशि को मिलकर गबन करने का आरोप है।
जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है, जिसमें नोडल अधिकारियों की भूमिका, संस्थानों की संलिप्तता और लाभ लेने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है। सीबीआई का कहना है कि मामले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


