कवर्धा। कबीरधाम जिले के ग्राम मटका की निवासी ज्योति वैष्णव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी। पहले मजदूरी कर परिवार चलाने वाली ज्योति आज दोना-पत्तल निर्माण और किराना व्यवसाय के जरिए आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
जय माँ वैभव लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत शुरू की और योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त की। समूह को चक्रीय निधि और सामुदायिक निवेश कोष मिला, वहीं बैंक से ऋण मिलने पर ज्योति ने अपना व्यवसाय शुरू किया।
धीरे-धीरे उनके दोना-पत्तल की मांग बढ़ी और आय के नए स्रोत बने। आज उनकी वार्षिक आय लगभग 1.35 लाख रुपये तक पहुंच गई है। ज्योति बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और गांव में सम्मान भी मिला है।
अब वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं।


