शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग शुरू करने के लिए एक डीमैट अकाउंट (Demat Account) होना अनिवार्य है। यह खाता आपके शेयर, बॉन्ड, म्युचुअल फंड यूनिट्स और अन्य प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखता है। पहले जहां शेयरों के कागजी सर्टिफिकेट होते थे, आज पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है। ट्रेडिंग करने के लिए आमतौर पर ब्रोकर हर खरीद और बिक्री पर ब्रोकरेज शुल्क लेते हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धा और टेक्नोलॉजी की वजह से अब जीरो ब्रोकरेज डीमैट अकाउंट का विकल्प उभरकर आया है।
जीरो ब्रोकरेज डीमैट अकाउंट वह खाता है जिसमें शेयर खरीदने या बेचने पर ब्रोकर कोई ब्रोकरेज कमीशन नहीं लेता। यानी हर ट्रेड पर पारंपरिक कमीशन शून्य हो जाता है। यह सुविधा खासकर उन निवेशकों के लिए उपयोगी है जो नियमित रूप से छोटे-छोटे सौदे करते हैं, क्योंकि इससे कुल ट्रेडिंग लागत में काफी कमी आती है।
हालांकि ब्रोकरेज शून्य रहता है, लेकिन कुछ अन्य शुल्क दिए जाते हैं — जैसे वार्षिक रखरखाव शुल्क (AMC), एक्सचेंज ट्रांजैक्शन चार्ज, SEBI शुल्क, GST और DP चार्ज। इसलिए जीरो ब्रोकरेज का मतलब यह नहीं कि आप बिल्कुल कोई शुल्क नहीं देंगे — केवल ब्रोकरेज है जो नहीं लगता।
इस तरह के खातों को कई डिजिटल ब्रोकर प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं, जिनमें से कुछ लोकप्रिय नाम हैं Zerodha, Upstox, Angel One और Groww। ये प्लेटफॉर्म मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के जरिए आसान ट्रेडिंग और निवेश की सुविधा देते हैं।
फायदे:
लागत में कमी: ट्रेडिंग पर ब्रोकरेज न होने से खर्च कम होता है और संभावित मुनाफा बढ़ सकता है।
छोटे निवेशकों के लिए आसान: सीमित पूंजी वाले निवेशक भी बाजार में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
बार-बार ट्रेडिंग में लचीलापन: बिना ब्रोकरेज के छोटे-छोटे सौदे करना आसान होता है।
पारदर्शिता: फीस स्ट्रक्चर सरल और समझने में आसान होती है।
खाता कैसे खोलें:
ऑनलाइन आवेदन भरें, आवश्यक दस्तावेज़ (PAN, आधार, बैंक डिटेल्स) अपलोड करें, वीडियो KYC पूरा करें, और सत्यापन के बाद खाता सक्रिय करें।


