रायपुर। अभनपुर तहसील के टेकारी गांव में विवादित जमीन की रजिस्ट्री का मामला सामने आने के बाद पूरे सौदे पर संदेह गहरा गया है। दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2021 में दिवंगत हो चुकी शारदा वर्मा को अभिलेखों में जीवित दर्शाकर 24 जून 2025 को जमीन की रजिस्ट्री अन्नू तारक के नाम कर दी गई। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया और दस्तावेजों की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अन्नू तारक ने जमीन खरीदने के मात्र दो सप्ताह बाद, 3 जुलाई 2025 को इसे कौशल और कपिल तरवानी के नाम बेच दिया। इतनी कम अवधि में जमीन की दोबारा बिक्री होने से सौदे की मंशा और प्रक्रिया दोनों संदिग्ध मानी जा रही है। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि यदि दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया गया होता, तो यह विवाद पहले ही सामने आ सकता था।
राजस्व अभिलेखों में भी विसंगति सामने आई है। ऑनलाइन रिकार्ड में जमीन वर्तमान में कौशल और कपिल तरवानी के नाम दर्ज है, जबकि मैनुअल रिकार्ड अब भी वर्मा परिवार के नाम दर्शा रहा है। एक ही जमीन के अलग-अलग रिकार्ड होना राजस्व प्रणाली की गंभीर खामी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, संपत्ति की खरीदी-बिक्री में सभी पक्षों की जिम्मेदारी होती है कि वे दस्तावेजों और स्वामित्व की पूरी जांच करें। फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रजिस्ट्री, नामांतरण आदेश और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह लापरवाही का मामला है या संगठित तरीके से किया गया जमीन का फर्जीवाड़ा।


