छत्तीसगढ़ में 8,585 करोड़ की राजस्व वसूली लंबित, कैग रिपोर्ट में गंभीर खुलासे
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2026 की पहली रिपोर्ट ने राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 8,585 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली अब भी लंबित है, जिसमें 4,371 करोड़ रुपये से अधिक राशि पांच साल से ज्यादा समय से अटकी हुई है।
कुल बकाया में सबसे बड़ा हिस्सा बिजली शुल्क (4,545 करोड़) और बिक्री कर (3,837 करोड़) का है। सरकार ने देरी के लिए कोर्ट मामलों और स्टे ऑर्डर को कारण बताया है, जबकि करीब 418 करोड़ रुपये की वसूली बकायेदारों की संपत्ति का विवरण न होने से रुकी है।
कैग ने वन, लोक निर्माण और जल संसाधन विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए हैं। कई विभागों ने ऑडिट पर जवाब तक नहीं दिया, वहीं लोक लेखा समिति की सिफारिशों पर कार्रवाई रिपोर्ट लंबित है। रिपोर्ट में GST प्रणाली में भी खामियां उजागर हुई हैं, जिससे राजस्व नुकसान हुआ है।


