रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया। विष्णुदेव साय सरकार का यह तीसरा बजट है, जिसमें महिला और बाल विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
बजट में ‘रानी दुर्गावती योजना’ की घोषणा की गई है। योजना के तहत बेटियों को जन्म के समय पंजीकृत किया जाएगा और 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर उन्हें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि, योजना में किन बच्चियों को शामिल किया जाएगा और पात्रता के नियम क्या होंगे, इस संबंध में फिलहाल सरकार ने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिलाओं की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लखपति दीदी की संख्या में भी वृद्धि की जाएगी।
महिला एवं बाल पोषण को सुदृढ़ करने के लिए 2,320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं हेतु 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
‘महतारी वंदन योजना’ के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में दिए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार अब तक 70 लाख महिलाओं को 14,000 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
सरकार का दावा है कि ये प्रावधान महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, पोषण सुधार और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।


