वडोदरा, राहुल गांधी ने गुजरात के वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में केंद्र सरकार और RSS–BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “विकास” के नाम पर आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है और उनके अधिकारों की अनदेखी हो रही है।
राहुल गांधी ने “आदिवासी” और “वनवासी” शब्दों के अंतर को समझाते हुए कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं, जबकि “वनवासी” शब्द उनकी पहचान को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों से उनकी जमीन और जंगल छीनकर बड़े उद्योगपतियों को दिए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि वे महान नेताओं की मूर्तियों पर श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन उनके विचारों की रक्षा नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण की नीतियों से केवल चुनिंदा लोगों को फायदा हो रहा है, जबकि आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग पीछे छूट रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि देश की बड़ी कंपनियों, संस्थाओं और नौकरशाही में आदिवासियों की भागीदारी बेहद कम है। उन्होंने जाति जनगणना और सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। राहुल गांधी ने आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।


