भारत निर्वाचन आयोग ने देश के शेष 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू करने का निर्देश दिया है। आयोग ने इन राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि वे SIR से संबंधित सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरी करें, ताकि समय पर प्रक्रिया शुरू की जा सके और मतदाता सूची को सटीक एवं अद्यतन बनाया जा सके।
इससे पहले आयोग ने 24 जून 2025 को आदेश जारी कर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण कराने का निर्णय लिया था। इसके बाद 5 जुलाई 2025 को मुख्य चुनाव अधिकारियों को पूर्व-संशोधन गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। 27 अक्टूबर 2025 को आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की घोषणा की, जहां यह प्रक्रिया फिलहाल जारी है या पूरी हो चुकी है। बिहार में SIR को लेकर काफी राजनीतिक विवाद भी हुआ था, और बाद में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु में भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने सवाल उठाए। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।
अब जिन 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अप्रैल 2026 से SIR शुरू होने की संभावना है, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सत्यापित करना है। इसके तहत मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे और नए पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाएंगे। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से चुनाव प्रणाली अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनेगी, जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी।


