कोरबा | 19 दिसंबर 2025
डीएवी पब्लिक स्कूल, एसईसीएल कोरबा में वार्षिकोत्सव ‘एपियोथिसिस’ का भव्य एवं रंगारंग शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेश कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक एसईसीएल कोरबा क्षेत्र एवं अध्यक्ष, स्थानीय प्रबंधक समिति डीएवी कोरबा रहे।
विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती अनिता गुप्ता (अध्यक्षा, सृष्टि महिला मंडल), श्री के.पी. सिंह (स्टाफ ऑफिसर, एचआर), श्री सुशांत कुमार गौड़ा (वित्त प्रबंधक), श्री राजेश चौधरी (एरिया सेफ्टी ऑफिसर) एवं वार्ड पार्षद श्री शैलेन्द्र सिंह शामिल रहे।
अतिथियों का स्वागत विद्यालय के मुख्य द्वार पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. चेतना शर्मा ने शिक्षण सत्र 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संगीत एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित कर रहे हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा ‘सुपर टून्स’, ‘गोआ ग्रूव्स’, नारी सशक्तिकरण, कठपुतली नृत्य, छत्तीसगढ़ दर्शन, पंथी-कर्मा-राउत नाचा, अंग्रेज़ी नाटक – मोबाइल के पहले और बाद का जीवन, हिंदी नाटक – सत्यमेव जयते तथा भगवान विष्णु के ‘कल्कि अवतार’ पर आधारित मार्मिक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों सहित खेल, नृत्य, चित्रकला एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वर्ष भर की गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ‘ऋग्वेद सदन’ को विजेता घोषित किया गया।
मुख्य अतिथि श्री राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि “इन प्रस्तुतियों में केवल कला ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और संस्कारों की झलक दिखाई दी। शिक्षक समाज निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।”
कार्यक्रम में एआई के बढ़ते प्रयोग पर आधारित पाश्चात्य नृत्य और ‘हार्मनी’ नृत्य ने विशेष आकर्षण बटोरा।
विगत वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षकों को ‘टॉर्च बियरर अवार्ड-2025’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती टी. मैरी नरसिम्महम एवं विद्यार्थियों ने किया। आभार प्रदर्शन श्रीमती काकली डे बाला ने किया।


