MP Board Order जारी होने के बाद मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) भोपाल द्वारा मई–जून में 10वीं, 12वीं, 9वीं, 11वीं की द्वितीय परीक्षाएं और 5वीं–8वीं के री-एग्जाम आयोजित करने के फैसले ने शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों पर सीधा असर डाला है। हर वर्ष मई की शुरुआत से 9 जून तक शिक्षकों को अवकाश मिलता था, लेकिन इस बार पूरा समय परीक्षा ड्यूटी, प्रशिक्षण और मूल्यांकन कार्य में व्यस्त रहने की संभावना है।
जारी शेड्यूल के अनुसार, 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से शुरू होंगी। 12वीं की परीक्षा 25 मई तक और 10वीं की 19 मई तक चलेगी। इसके बाद 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 3 से 13 जून के बीच आयोजित की जाएंगी। इसी अवधि में 5वीं और 8वीं के री-एग्जाम भी लिए जाएंगे।
शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि लगातार परीक्षाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों को न तो अवकाश मिल पाएगा और न ही पर्याप्त विश्राम। संगठनों का तर्क है कि बदला हुआ कैलेंडर शिक्षकों की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
उन्होंने बोर्ड को पत्र लिखकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।


