कोरबा, 16 मार्च 2026। जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला सोमवार को विधानसभा में गूंजा, जिसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 26 राइस मिलरों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि जिला विपणन अधिकारी प्रमोद जांगड़े समेत दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
जांच में सामने आया कि नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से अमानक चावल का उठाव किया गया था। कुल 8,153 क्विंटल चावल वितरण योग्य नहीं पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.34 करोड़ रुपये है। यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारियों ने चावल का गुणवत्ता परीक्षण कराए बिना ही उसे आगे भेज दिया।
मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पूरे प्रकरण को पुलिस जांच के हवाले करने की मांग की।
सरकार की ओर से बताया गया कि कोरबा के 12 और कटघोरा के 14 राइस मिलरों को नोटिस जारी किया गया है। खाद्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और मामले में पारदर्शी जांच की मांग दोहराई।


