रायपुर : बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अब अनिवार्य कर दी गई है। विद्युत वितरण कंपनी ने सभी बिजली उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराने का निर्णय लिया है। कंपनी मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार ई-केवाईसी की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार मोर बिजली ऐप, मीटर रीडर अथवा वितरण केंद्र/जोन कार्यालय पहुंचकर ई-केवाईसी करा सकेंगे। विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निशुल्क होगी। इसके लिए उपभोक्ताओं से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के नाम पर यदि कोई कर्मचारी या अधिकृत व्यक्ति पैसे की मांग करता है तो उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को तीन प्रमुख विकल्प दिए गए हैं। पहला विकल्प मोर बिजली ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-केवाईसी कराने का है। दूसरा विकल्प वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कराने का है। तीसरा विकल्प मीटर रीडर के माध्यम से ई-केवाईसी कराने का है। मीटर रीडर मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे और उनकी ई-केवाईसी पूरी करेंगे। कंपनी के अनुसार ई-केवाईसी के लिए आधार प्रमाणीकरण और दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपभोक्ताओं से किसी प्रकार के दस्तावेज की फोटो कॉपी जमा नहीं कराई जाएगी। केवल आधार कार्ड की फोटो-कॉपी ली जाएगी और उसका विवरण दर्ज करने के बाद आधार कार्ड उपभोक्ता को वापस कर दिया जाएगा। आधार कार्ड और बिजली उपभोक्ता के नाम में 100 प्रतिशत मिलान होने पर ई-केवाईसी तत्काल पूरी हो जाएगी और इसका मैसेज मोबाइल पर प्राप्त होगा।
विद्युत वितरण कंपनी के मुख्यालय ने सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। कंपनी के मुख्य कार्यपालक निदेशक द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में 1 सितंबर से अधिकृत रूप से शुरू की जाएगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से समय पर ई-केवाईसी कराने की अपील की है, ताकि भविष्य में बिजली कनेक्शन से संबंधित सेवाओं में किसी तरह की परेशानी न हो। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी या व्यक्ति ई-केवाईसी के बदले पैसे की मांग करता है तो उपभोक्ता इसकी शिकायत संबंधित विभागीय अधिकारियों से कर सकते हैं। कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही अपनी ई-केवाईसी कराएं।
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ई-केवाईसी में उपभोक्ता के नाम और कनेक्शन संबंधी जानकारी का मिलान किया जाएगा। यदि आधार और बिजली कनेक्शन में नाम का अंतर अधिक पाया जाता है तो आवश्यक प्रक्रिया के तहत सुधार किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि उपभोक्ताओं की जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही ई-केवाईसी की जाएगी। इस नई व्यवस्था से बिजली उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करने और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं के लिए मोर बिजली ऐप, मीटर रीडर और वितरण केंद्र/जोन कार्यालय के जरिए ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। बिजली कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि 1 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली ई-केवाईसी प्रक्रिया में समय रहते अपना सत्यापन करा लें। इससे उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन संबंधी रिकॉर्ड अपडेट रहेगा और भविष्य में मिलने वाली बिजली सेवाओं में सुविधा होगी।



