भारत दौरे पर आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अंतरिक्ष यात्री ने दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और बहन से मुलाकात की। इस भावुक मुलाकात के दौरान अंतरिक्ष यात्री ने अपने अंतरिक्ष सफर के 27 वर्षों के अनुभव साझा किए और कल्पना चावला के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कल्पना न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।
मुलाकात के दौरान अंतरिक्ष अभियानों में आई चुनौतियों, तकनीकी प्रगति और भविष्य के मिशनों पर भी चर्चा हुई। अंतरिक्ष यात्री ने बताया कि पिछले 27 सालों में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं और आने वाले समय में मानव अंतरिक्ष यात्रा और भी सुरक्षित और उन्नत होगी। उन्होंने कल्पना चावला की मां और बहन के साथ पुरानी यादें साझा करते हुए उनके साहस और समर्पण की सराहना की।
इस अवसर पर कल्पना चावला की मां और बहन ने भी गर्व और भावुकता के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कल्पना का सपना था कि भारत के बच्चे विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की ओर आगे बढ़ें। यह मुलाकात न केवल एक श्रद्धांजलि रही, बल्कि युवा छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणादायक संदेश भी लेकर आई।


