80 और 90 के दशक का बॉलीवुड न केवल अपनी सुनहरी फिल्मों के लिए, बल्कि अंडरवर्ल्ड के काले साये के लिए भी याद किया जाता है। उस दौर में फिल्मी गलियारों में दाऊद इब्राहिम का खौफ इस कदर था कि निर्देशकों की पसंद से ज्यादा डी-कंपनी के इशारे अहम होते थे। इसी दौर में एक नाम तेजी से उभरा अनीता अयूब। पाकिस्तानी मूल की इस हसीन अदाकारा ने जितनी तेजी से शोहरत हासिल की, उतनी ही कड़वाहट के साथ उनका करियर और जिंदगी दाऊद के नाम के साथ जुड़कर बर्बाद हो गई।
Meta Metaverse Shutdown: 80 अरब डॉलर डूबे, Mark Zuckerberg का बड़ा फैसला; मेटावर्स पर लगा ब्रेक
कराची से मुंबई का ख्वाब
अनीता अयूब का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था। अंग्रेजी साहित्य में मास्टर्स कर चुकीं अनीता न केवल खूबसूरत थीं, बल्कि बेहद प्रतिभावान भी थीं। अपने अभिनय के सपनों को पंख देने के लिए वह सरहद पार कर मुंबई आ गईं। यहाँ उन्होंने मशहूर रोशन तनेजा एक्टिंग स्कूल से प्रशिक्षण लिया और मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। उनकी किस्मत तब चमकी जब सदाबहार अभिनेता देव आनंद की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने 1993 में फिल्म ‘प्यार का तराना’ से अनीता को बॉलीवुड में लॉन्च किया। इसके बाद वे ‘गैंगस्टर’ (1995) जैसी फिल्मों में भी नजर आईं।
दाऊद इब्राहिम का साया और करियर का पतन
जब अनीता का करियर ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा था, तभी उनके नाम के साथ दाऊद इब्राहिम का जुड़ना उनके लिए काल बन गया। चर्चा थी कि दाऊद अनीता के आकर्षण में इस कदर कैद था कि वह निर्माताओं पर उन्हें फिल्मों में लेने का दबाव बनाता था। विवाद तब गहरा गया जब निर्माता जावेद सिद्दीकी की हत्या कर दी गई। कहा जाता है कि सिद्दीकी ने अनीता को अपनी फिल्म में कास्ट करने से मना कर दिया था, जिसका खामियाजा उन्हें अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। हालांकि अनीता के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले, लेकिन फिल्म जगत ने डर और विवादों के चलते उनसे किनारा करना शुरू कर दिया।
जासूसी के आरोप और इंडस्ट्री से विदाई
विवाद यहीं नहीं थमे; एक पाकिस्तानी फैशन पत्रिका ने दावा किया कि बॉलीवुड में अनीता को एक ‘पाकिस्तानी जासूस’ के तौर पर देखा जा रहा था। इस खबर ने उनकी बची-कुची छवि को भी धूमिल कर दिया। बिना किसी आधिकारिक प्रतिबंध के अनीता अयूब को धीरे-धीरे इंडस्ट्री से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
Social Media Impact: बच्चों में बढ़ रही चिंता और अवसाद, World Happiness Report ने दी गंभीर चेतावनी
गुमनामी और नया जीवन
करियर के खात्मे और विवादों के बोझ तले दबी अनीता ने आखिरकार भारत छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने भारतीय मूल के गुजराती बिजनेसमैन सौमिल पटेल से शादी की और न्यूयॉर्क जाकर बस गईं, जहाँ उनका एक बेटा ‘शेजर’ हुआ। हालांकि, यह शादी सफल नहीं रही और बाद में उन्होंने पाकिस्तानी व्यवसायी सुबक मजीद से दूसरा निकाह किया। आज अनीता अयूब चकाचौंध से कोसों दूर पूरी तरह गुमनामी का जीवन जी रही हैं। न तो वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और न ही किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आती हैं।


