देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ की समस्या से राहत दिलाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है। जल्द ही R ब्लॉक फ्लाईओवर को हार्डिंग पार्क पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। यह नया कनेक्शन न केवल दिल्लीवासियों के लिए राहतभरा होगा, बल्कि राजधानी की ट्रैफिक प्रणाली और रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक रूप देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
क्या है यह नया प्रोजेक्ट
रेल मंत्रालय और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मिलकर इस इंफ्रास्ट्रक्चर लिंक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके तहत R ब्लॉक फ्लाईओवर को सीधे हार्डिंग पार्क पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल (Hardinge Park Passenger Terminal) से जोड़ा जाएगा। इससे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। अभी यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के लिए आईटीओ या मंडी हाउस के रास्ते लंबा रूट लेना पड़ता है, जिससे न केवल समय बर्बाद होता है, बल्कि जाम और प्रदूषण भी बढ़ता है।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य और फायदे
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ घटाना है। हार्डिंग पार्क टर्मिनल, जो पहले मालगाड़ी संचालन के लिए उपयोग किया जाता था, अब पैसेंजर टर्मिनल में तब्दील किया जा रहा है। इसमें दिल्ली के कई छोटे और मध्यम दूरी के ट्रेनों को शिफ्ट करने की योजना है, जिससे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम होगा। R ब्लॉक फ्लाईओवर से सीधे लिंक होने के बाद यात्री आसानी से टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे। इससे निम्नलिखित लाभ होंगे:
- नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रैफिक लोड में कमी।
- यात्रियों के लिए यात्रा समय में 20-25 मिनट की बचत।
- आईटीओ, मंडी हाउस और कनॉट प्लेस जैसे क्षेत्रों में जाम से राहत।
- इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा।
कैसा होगा नया फ्लाईओवर कनेक्शन
इस परियोजना के तहत R ब्लॉक फ्लाईओवर से एक डायरेक्ट एलीवेटेड लिंक रोड बनाई जाएगी, जो हार्डिंग पार्क टर्मिनल के प्रवेश द्वार तक जाएगी। यह लिंक रोड लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी और 4 लेन चौड़ी होगी। इसके दोनों तरफ हरियाली और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ की व्यवस्था भी की जाएगी। दिल्ली पीडब्ल्यूडी (PWD) अधिकारियों के मुताबिक, “डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि इससे मौजूदा ट्रैफिक प्रभावित न हो। नया कनेक्शन राजधानी के मध्य हिस्से को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगा।
परियोजना की प्रगति और समयसीमा
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और निर्माण कार्य अगले दो महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। अगर सब कुछ तय समय पर चलता है, तो यह लिंक अगले साल के अंत तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस कनेक्शन के चालू होने से दिल्ली कैंट और नई दिल्ली स्टेशन के बीच यातायात भार कम होगा और यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
स्थानीय लोगों और यात्रियों में उत्साह
स्थानीय निवासियों और यात्रियों में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह है। आईटीओ क्षेत्र में काम करने वाले संजय कुमार कहते हैं, “नई दिल्ली स्टेशन तक पहुंचने में ट्रैफिक में आधा घंटा लग जाता है। अगर यह लिंक बन गया, तो बहुत राहत मिलेगी। रेलवे अधिकारी भी मानते हैं कि यह परियोजना राजधानी के मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का अहम हिस्सा बनेगी।
भविष्य की योजनाएं भी जुड़ेंगी
इस परियोजना के बाद रेलवे और दिल्ली सरकार की योजना है कि हार्डिंग पार्क टर्मिनल को मेट्रो नेटवर्क से भी जोड़ा जाए। इससे यात्रियों को सीधे रेलवे से मेट्रो कनेक्शन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, फ्लाईओवर के दोनों छोरों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, CCTV कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम भी लगाए जाएंगे।


