दिल्ली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने राजधानी की कानून व्यवस्था और रिश्तों के बदलते स्वरूप पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक UPSC अभ्यर्थी की उसकी लिव-इन पार्टनर ने बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने जब पूरे मामले की जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे झगड़ा, शक और मानसिक तनाव जैसी बातें प्रमुख वजह रहीं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके की है, जो देशभर के सिविल सर्विसेज परीक्षार्थियों के लिए प्रमुख कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। पुलिस के अनुसार, मृतक युवक 26 वर्षीय अमित (काल्पनिक नाम) था, जो यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। वह पिछले एक साल से अपनी लिव-इन पार्टनर प्रिया (काल्पनिक नाम) के साथ किराए के कमरे में रह रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना वाली रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद देर रात युवक की चीख सुनाई दी, लेकिन लोगों ने इसे सामान्य घरेलू विवाद समझकर अनदेखा कर दिया। सुबह जब दरवाजा नहीं खुला तो मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस को मिला खौफनाक नजारा
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कमरे का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। युवक का शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था। उसके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान थे। मौके से पुलिस ने एक चाकू और खून से सना कपड़ा बरामद किया। लिव-इन पार्टनर प्रिया मौके से फरार थी, जिसे बाद में पुलिस ने पास के इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
हत्या की वजह – शक और झगड़ा
पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने कबूल किया कि दोनों के बीच लंबे समय से झगड़े चल रहे थे। आरोपी को शक था कि युवक का किसी अन्य लड़की से संबंध है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मानसिक तनाव से भी गुजर रही थी और दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों से बातचीत कम हो गई थी।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
डीसीपी (नॉर्थ वेस्ट) ने बताया कि हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस अब फॉरेंसिक टीम और डिजिटल एविडेंस की मदद से पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है।
आरोपी के फोन और सोशल मीडिया चैट्स की भी जांच की जा रही है ताकि हत्या से पहले हुई बातचीत और विवाद की वजह स्पष्ट की जा सके।
स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश
इस सनसनीखेज वारदात के बाद मुखर्जी नगर के छात्रों और स्थानीय लोगों में दहशत है। यह इलाका आम तौर पर शांत और अध्ययन के लिए जाना जाता है, लेकिन बीते कुछ महीनों में यहां लिव-इन पार्टनरशिप और मानसिक तनाव से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं।
लोगों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और निजी जीवन में अस्थिरता युवाओं को भावनात्मक रूप से कमजोर बना रही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि युवाओं में बढ़ते तनाव और असहिष्णुता की भी झलक दिखाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लिव-इन रिलेशनशिप में पारस्परिक समझ और संवाद की कमी अक्सर ऐसे खतरनाक नतीजे देती है।
मनोवैज्ञानिकों का सुझाव है कि अभ्यर्थियों और युवाओं को नियमित काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिलनी चाहिए ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।


