दिल्ली में हुए धमाके के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन सकारात्मक वैश्विक संकेतों की बदौलत बाजार ने जल्द ही रिकवरी कर ली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स दिन की शुरुआत में नीचे खुले, मगर धीरे-धीरे निवेशकों का भरोसा लौटा और बाजार स्थिर हुआ।
धमाके का असर — निवेशकों में एहतियात
दिल्ली में हुए धमाके की खबर ने शुरुआती सत्र में बाजार का मूड बिगाड़ दिया। निवेशक रक्षा, एविएशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से दूरी बनाते नजर आए। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक घटना की जांच पूरी नहीं होती, शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। हालांकि, बाजार में कोई बड़ी बिकवाली नहीं हुई, जो बताता है कि निवेशकों को लॉन्ग-टर्म पर भरोसा है।
वैश्विक संकेतों से मिली राहत
एशियाई बाजारों में मजबूती और अमेरिकी फ्यूचर्स में तेजी ने भारतीय बाजारों को मजबूत सपोर्ट दिया। जापान, हांगकांग और सिंगापुर के बाजारों में 0.5% से 1% तक की बढ़त रही, जिसका असर भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट पर भी पड़ा। डॉलर इंडेक्स में गिरावट और कच्चे तेल की स्थिर कीमतों ने भी इक्विटी बाजार को राहत दी।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
BSE Sensex ने 200 अंकों की शुरुआती गिरावट के बाद 73,450 के स्तर पर स्थिरता दिखाई। NSE Nifty 50 अंक गिरकर खुला, लेकिन बाद में 22,350 के करीब टिक गया। बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया जबकि रियल एस्टेट और मेटल स्टॉक्स में हल्की गिरावट दर्ज हुई।
कौन से सेक्टर रहे चर्चा में
- IT और फार्मा शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली।
- मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर दबाव में रहे।
- रक्षा से जुड़े शेयरों में मिलाजुला रुख रहा, क्योंकि धमाके के बाद
- सरकार की सुरक्षा नीतियों में सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत है। ICICI Securities के विश्लेषक के अनुसार, “स्थानीय घटनाओं का असर कुछ घंटों या एक-दो दिनों तक रहता है, लेकिन लंबी अवधि में भारतीय बाजार की दिशा कॉर्पोरेट अर्निंग्स और ग्लोबल ट्रेंड्स तय करेंगे।”
आगे क्या हो सकता है
बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में है। यदि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में राहत और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े सकारात्मक आते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि गिरावट में अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक्स में निवेश करें और पैनिक सेलिंग से बचें।


