रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े प्रमुख सम्मेलन DefSat 2026 में डिफेंस स्पेस एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि भविष्य के आधुनिक सैन्य अभियान पूरी तरह अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि संचार, नेविगेशन, निगरानी और मिसाइल मार्गदर्शन जैसी सैन्य प्रणालियां अब सैटेलाइट नेटवर्क पर टिकी हैं, ऐसे में अंतरिक्ष परिसंपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है।
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भारत की Defence Space Agency के प्रमुख ने यह भी रेखांकित किया कि अंतरिक्ष अब केवल वैज्ञानिक शोध का क्षेत्र नहीं, बल्कि रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का नया मोर्चा बन गया है। एंटी-सैटेलाइट हथियारों और साइबर खतरों के बढ़ते जोखिम के बीच देशों को अपनी स्पेस क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत है। सम्मेलन में स्वदेशी तकनीक, निजी क्षेत्र की भागीदारी और अंतरिक्ष सुरक्षा ढांचे को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।



