दर्री ओवरब्रिज के पास दर्दनाक हादसा: इलाज के दौरान अज्ञात व्यक्ति की मौत, 3 दिन बाद भी पहचान नहीं
कोरबा। दर्री क्षेत्र में सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल मिले करीब 45 वर्षीय व्यक्ति की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को तीन दिन बीत जाने के बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। फिलहाल शव जिला अस्पताल कोरबा की मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है और पुलिस उसकी पहचान के साथ-साथ घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
यह मामला सिर्फ एक सड़क दुर्घटना की आशंका तक सीमित नहीं है। किसी व्यक्ति की पहचान न हो पाना जांच के साथ-साथ उसके परिवार तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया को भी मुश्किल बना देता है। ऐसे मामलों में शुरुआती कुछ दिनों में CCTV फुटेज, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और उपलब्ध डिजिटल सूचनाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
ओवरब्रिज के पास घायल हालत में मिला था व्यक्ति
मुख्य मार्ग स्थित दर्री ओवरब्रिज के पास राहगीरों ने एक व्यक्ति को सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़ा देखा। सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जिला अस्पताल चौकी पुलिस को मेमो भेजकर मौत की जानकारी दी गई।
शरीर पर चोट के निशान, हादसे की आशंका
पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष है और उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर उसके सड़क हादसे का शिकार होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, केवल चोटों के आधार पर घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं होती। दुर्घटना कैसे हुई, वाहन की भूमिका थी या नहीं और व्यक्ति वहां किस परिस्थिति में पहुंचा—इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मृतक के पास से फिलहाल ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे उसकी तत्काल पहचान की जा सके।
तीन दिन बाद भी परिवार तक नहीं पहुंची सूचना
सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान को लेकर बनी हुई है। पुलिस ने जिले के सभी थाना-चौकियों को सूचना भेजी है। इसके साथ ही पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया माध्यमों पर मृतक का हुलिया साझा किया जा रहा है।
पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।
CCTV फुटेज और स्थानीय गवाह इस जांच में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं, क्योंकि इनके जरिए यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घायल व्यक्ति घटनास्थल तक कैसे पहुंचा और घटना के समय आसपास कौन-कौन से वाहन या लोग मौजूद थे।
पहचान में देरी क्यों बनती है बड़ी समस्या?
अज्ञात शव की पहचान में देरी होने का सीधा असर परिवार तक सूचना पहुंचाने पर पड़ता है। कई बार किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने की शिकायत अलग थाने में दर्ज होती है, जबकि उसकी मृत्यु की जानकारी दूसरे इलाके में होती है। ऐसे मामलों में पुलिस रिकॉर्ड और आपसी समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस मामले में भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की सूचनाओं से संभावित मिलान जांच को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
पहचान होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव
पुलिस के मुताबिक पहचान होने के बाद आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहचान नहीं हो पाती, तो नियमों के अनुसार लावारिस शव के अंतिम संस्कार की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मृतक की पहचान स्थापित करना और यह स्पष्ट करना है कि दर्री ओवरब्रिज के पास वह घायल अवस्था में किन परिस्थितियों में पहुंचा था।



