कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) को सुनियोजित रूप से कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकार विभिन्न नीतिगत बदलावों और फंड आवंटन में कटौती के जरिए इस महत्वूपर्ण ग्रामीण रोजगार योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है, जिसने लाखों गरीब परिवारों को कठिन समय में सहारा दिया है। इसके बावजूद सरकार लगातार बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी, और तकनीकी जटिलताओं को बढ़ाकर मजदूरों को योजना से दूर करने की कोशिश कर रही है।
पार्टी का मानना है कि मनरेगा सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला प्रभावी साधन है, जिसे कमजोर करना गांवों की आजीविका छीनने जैसा है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार मनरेगा को अप्रासंगिक साबित करना चाहती है, ताकि इसे धीरे-धीरे खत्म करने का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
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कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार मजदूरी भुगतान में सुधार, समय पर फंड रिलीज़ और जमीनी स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करे, ताकि मनरेगा अपनी मूल भावना के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार की गारंटी बनकर कार्य करता रहे।


