भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने कहा कि कानूनी सुधारों और न्यायिक अनुशासन की वजह से देश में मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) प्रणाली पहले से अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र व्यापार और निवेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मामलों का निपटारा तेजी से और प्रभावी तरीके से हो सकता है।
सीजेआई ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में मध्यस्थता से जुड़े कानूनों और प्रक्रियाओं में कई अहम सुधार किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य विवादों के समाधान को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है, ताकि कारोबारी माहौल को भी मजबूती मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि अदालतों पर मामलों का बोझ कम हो और विवादों का समाधान वैकल्पिक तरीकों से हो सके। उनके मुताबिक मजबूत मध्यस्थता प्रणाली से निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलता है।


