छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं बैठक में कुल 14 नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं से राज्य के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, साथ ही कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
बैठक में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों में जल प्रबंधन और सिंचाई विस्तार की जरूरतों का विस्तृत मूल्यांकन किया। इसके बाद जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तावित नई योजनाओं को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। इनमें छोटे और मध्यम स्तर की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं, जो विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी इलाकों की कृषि जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल खेती की निर्भरता बारिश पर कम होगी, बल्कि किसानों को साल में दो से तीन फसलें उगाने का अवसर भी मिल सकेगा।
बैठक में पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार, नहरों के विस्तार और जल संरक्षण कार्यों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सरकार का कहना है कि राज्य में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिंचाई विस्तार सबसे बड़ा आधार स्तंभ है।
नई योजनाओं को मंजूरी मिलने के साथ ही विभाग जल्द ही Detailed Project Report (DPR) तैयार कर इनके निर्माण कार्य शुरू करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ की सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की जाए।


