छत्तीसगढ़ में दवा सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की रिपोर्ट में 9 दवाओं को अमानक (Not of Standard Quality) और 1 दवा को नकली (Spurious) पाया गया है। यह रिपोर्ट देशभर में की गई दवाओं की जांच के बाद सामने आई है, जिसमें कुल 112 दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल हुई हैं। इनमें से कई दवाएं रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाली हैं — जैसे एल्बेंडाजोल, पैरासिटामॉल और फंगल क्रीम।
क्वालिटी टेस्ट में क्या पाया गया?
CDSCO की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर से सैंपल लेकर दवाओं की जांच की गई थी। इन सैंपल्स में छत्तीसगढ़ से भेजी गई 10 दवाओं में से 9 को अमानक और 1 को नकली पाया गया। इन दवाओं की जांच में पाया गया कि इनमें सक्रिय तत्व (Active Ingredient) की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम थी, जिससे मरीजों पर इनका असर नहीं हो रहा था।
रिपोर्ट में शामिल दवाओं की सूची में कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- Albendazole Tablets IP (एल्बेंडाजोल) – कीड़े मारने की दवा, लेकिन इसमें सक्रिय तत्व की मात्रा बेहद कम पाई गई।
- Paracetamol Tablets IP (पैरासिटामॉल) – दर्द और बुखार की आम दवा, जिसकी क्वालिटी मानक से नीचे थी।
- Fungal Cream (एंटी फंगल क्रीम) – त्वचा संक्रमण के लिए उपयोगी, लेकिन इसकी संरचना में अशुद्धियां पाई गईं।
- Cefixime Suspension – बच्चों में संक्रमण के इलाज में दी जाने वाली दवा, इसमें रासायनिक संतुलन सही नहीं पाया गया।
देशभर में 112 दवाएं फेल, आम लोगों की चिंता बढ़ी
देशभर में की गई जांच में कुल 112 दवाएं क्वालिटी चेक में फेल पाई गई हैं। इनमें से कई प्रतिष्ठित कंपनियों की दवाएं भी शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये दवाएं सरकारी अस्पतालों और निजी फार्मेसी दोनों जगह बेची जा रही थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अमानक दवाएं शरीर में कोई असर नहीं करतीं या फिर नुकसान पहुंचा सकती हैं। कमजोर दवाएं इलाज को अप्रभावी बनाती हैं और मरीजों को गंभीर बीमारियों के प्रति असुरक्षित कर देती हैं।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की सख्ती
छत्तीसगढ़ राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने इस रिपोर्ट के बाद सभी जिलों में फार्मेसी और दवा वितरकों की जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि दोषी दवा कंपनियों और सप्लायर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन कंपनियों की दवाएं नकली या अमानक पाई गई हैं, उनके लाइसेंस निलंबन और आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दवा खरीदते समय बैच नंबर, निर्माता कंपनी और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें। साथ ही, संदिग्ध दवाओं की सूचना तत्काल संबंधित जिले के औषधि निरीक्षक को दें।
विशेषज्ञों की चेतावनी: फेल दवाएं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी फेल या नकली दवाएं स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकती हैं। इनका उपयोग दवा प्रतिरोध (Drug Resistance) बढ़ाता है, जिससे भविष्य में इलाज मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका बुरा असर हो सकता है।


