ChatGPT : आज के दौर में ऑनलाइन ठगी और फर्जी लिंक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में ज्यादातर भारतीय यूजर्स जिस AI चैटबॉट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, वही उनकी डिजिटल सुरक्षा में भी मदद कर सकता है. ChatGPT को केवल सवाल-जवाब तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है इसे आप अपने फोन का एक तरह का ‘सिक्योरिटी गार्ड’ भी बना सकते हैं.
हाल ही में ChatGPT में कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स का इंटीग्रेशन जोड़ा गया है. इसी के तहत अब यूजर्स सीधे चैट इंटरफेस के अंदर ही सिक्योरिटी टूल्स का लाभ ले सकते हैं. इनमें सबसे उपयोगी नाम है Malwarebytes जो करीब दो दशकों से डिवाइस प्रोटेक्शन और मैलवेयर डिटेक्शन के लिए जाना जाता है. यह सॉफ्टवेयर संदिग्ध लिंक, स्पैम मैसेज और संभावित स्कैम की पहचान करने में सक्षम माना जाता है.
अगर आप अलग से कोई एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते तो ChatGPT के जरिए ही इस फीचर का उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले अपने ChatGPT अकाउंट में लॉग-इन करें. इसके बाद सेटिंग्स सेक्शन में जाकर ऐप्स के विकल्प पर जाएं.
वहां ऐप स्टोर में Malwarebytes को खोजकर कनेक्ट का विकल्प चुनना होगा. एक बार इंटीग्रेशन पूरा हो जाने के बाद आप किसी भी संदिग्ध मैसेज, ईमेल, लिंक या फोन नंबर को सीधे ChatGPT में डालकर उसकी जांच कर सकते हैं.
जब भी आपको कोई अनजान लिंक या संदिग्ध मैसेज मिले तो उसे कॉपी करके ChatGPT में पेस्ट करें और साफ शब्दों में पूछें कि क्या यह स्कैम हो सकता है. सिस्टम Malwarebytes की मदद से संभावित खतरे का विश्लेषण करेगा और आपको चेतावनी या सुझाव देगा. इसी तरह, आप विशेष कमांड के जरिए भी स्कैन चला सकते हैं जिससे संदिग्ध कंटेंट की जांच और आसान हो जाती है.
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डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना बेहद जरूरी है. अगर सही तरीके से सेटअप किया जाए तो ChatGPT न सिर्फ जानकारी देने वाला टूल रहेगा बल्कि आपकी ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने वाला एक भरोसेमंद सहायक भी बन सकता है.


