छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर राज्य स्तरीय समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूली और उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों के मानसिक तनाव, अवसाद और व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि बदलती जीवनशैली, पढ़ाई का दबाव और डिजिटल प्रभाव के चलते छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। समिति ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अंतर-विभागीय कार्ययोजना तैयार करने पर मंथन किया। इसमें काउंसलिंग सुविधाओं को मजबूत करने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
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राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिकता में है। आने वाले समय में स्कूल और कॉलेज स्तर पर काउंसलिंग सेल, हेल्पलाइन और विशेषज्ञ सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा, ताकि समय रहते छात्रों को सहयोग मिल सके और वे स्वस्थ मानसिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सकें।


