वीरेन्द्र यादव (कांकेर)
CG News: उत्तर बस्तर कांकेर जिले में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. दुधावा क्षेत्र के बाद अब नरहरपुर और सरोना वन परिक्षेत्र में भी तेंदुए के हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग रात के समय घरों से निकलने से बच रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, नरहरपुर वन परिक्षेत्र के देवडोंगर गांव में अलसुबह एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि ग्रामीण अपने घर में सो रहा था, तभी तेंदुआ वहां पहुंच गया और उस पर हमला कर घायल कर दिया. घायल ग्रामीण को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
तेंदूए के हमले से अब तक 4 घायल
वन विभाग के अनुसार, सरोना और नरहरपुर वन परिक्षेत्र में तेंदुए के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. अब तक चार लोग तेंदुए के हमले का शिकार हो चुके हैं. लगातार बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. वहीं, सरोना वन परिक्षेत्र के ग्राम गट्टागुडूम में भी तेंदुए ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो ग्रामीणों के घरों में घुसकर हमला कर दिया. दोनों ग्रामीण घर के अंदर सो रहे थे, तभी तेंदुए ने उन पर हमला कर घायल कर दिया. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया.
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की गतिविधियां बढ़ गई हैं. शाम ढलते ही लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परहेज कर रहे हैं. लगातार हो रहे हमलों के कारण गांवों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.
अलर्ट मोड पर वन विभाग
घटनाओं के बाद वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है. विभाग द्वारा प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन अमला ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दे रहा है.
लगातार हो रहे हमलों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों की मांग है कि तेंदुए को जल्द पकड़कर आबादी वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.





