छत्तीसगढ़ के सेरंगदाग क्षेत्र स्थित बॉक्साइट माइंस में श्रमिकों के शोषण और श्रम कानूनों की खुलेआम अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि खदानों में काम कर रहे मजदूरों से तय मानकों के विपरीत लंबे समय तक काम कराया जा रहा है, जबकि उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही श्रम कानूनों के अनुसार सुविधाएं मिल रही हैं।
स्थानीय संगठनों और श्रमिक प्रतिनिधियों का कहना है कि माइंस प्रबंधन द्वारा न्यूनतम मजदूरी, कार्य घंटे और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। मामले को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी लगाया गया है।
इस मामले में प्रशासन का कहना है कि शिकायतों की जांच की जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित खदान प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि माइंस में तत्काल निरीक्षण कर श्रमिकों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए।


