अगर आप भी सस्ता कार इंश्योरेंस (Car Insurance) देखकर तुरंत पॉलिसी खरीद लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। हाल ही में मोटर इंश्योरेंस से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई हैं, जहां ग्राहकों को कम प्रीमियम के चक्कर में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एजेंट्स लो-प्राइस मोटर इंश्योरेंस प्लान के नाम पर ग्राहकों को लुभाते हैं, लेकिन बाद में दावा (Claim) करने पर पॉलिसी रिजेक्ट हो जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बहुत कम प्रीमियम वाली पॉलिसियों में अक्सर कवरेज लिमिटेड होती है या कई जरूरी फीचर्स हटा दिए जाते हैं।
सस्ते प्रीमियम में क्या छिपा है खतरा
1. कम कवरेज या एक्सक्लूजन – कई कंपनियां बेसिक डैमेज, इंजन प्रोटेक्शन या रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सर्विस को शामिल नहीं करतीं।
2. फेक वेबसाइट्स और एजेंट्स का जाल – कुछ फ्रॉड वेबसाइट्स IRDAI (भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण) के नाम का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।
3. क्लेम रिजेक्शन के मामले बढ़े – मामूली गलत जानकारी देने या डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट्स के कारण क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह
किसी भी पॉलिसी को खरीदने से पहले IRDAI से मान्यता प्राप्त इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर जांच करें।
पॉलिसी डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें और यह देखें कि उसमें कौन-कौन से कवरेज शामिल हैं।
सिर्फ सस्ते प्रीमियम के बजाय, क्लेम सेटलमेंट रेशियो और कंपनी की विश्वसनीयता को प्राथमिकता दें


