भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज से शुरू हो गई है, जिस पर बाजार और निवेशकों की करीबी नजर बनी हुई है। इस बैठक में रेपो रेट और नीतिगत रुख को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। महंगाई और आर्थिक वृद्धि के मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए माना जा रहा है कि आरबीआई सतर्क रुख अपना सकता है, जिसका असर ब्याज दरों से जुड़े सेक्टर्स पर पड़ेगा।
इस बीच किफायती हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (Affordable Housing Finance Companies) के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार ऊंची ब्याज दरें, कर्ज की बढ़ती लागत और मांग में सुस्ती के कारण इस सेक्टर की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के ग्राहकों के लिए होम लोन महंगे होने से नए ऋण वितरण पर दबाव बढ़ा है।
हालांकि, लंबी अवधि में आवासीय मांग और सरकारी योजनाओं से सेक्टर को सहारा मिलने की उम्मीद बनी हुई है। एमपीसी बैठक के नतीजों के बाद हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और रियल एस्टेट सेक्टर में आगे की दिशा और साफ हो सकती है। बाजार अब आरबीआई के फैसले और उसके संकेतों का इंतजार कर रहा है।


