NCERT और CBSE में सैकड़ों पद खाली पड़े हैं और इन्हें अब तक नहीं भरा गया है. संसदीय समिति की तरफ से इसके आंकड़े जारी किए गए हैं और इन पर चिंता जताई गई है. देश की दो प्रमुख शिक्षा संस्थाओं में करीब आधे पद खाली हैं. समिति की तरफ से बताया गया कि NCERT में कुल 1,596 पद खाली हैं और CBSE में 44 फीसदी पदों को भरा जाना है. लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है. संसदीय समिति ने खाली पड़े इन पदों को तुरंत भरने की सिफारिश की है.
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NCERT में कितने पद खाली?
NCERT में अक्टूबर 2025 तक कुल स्वीकृत 2,844 पदों में से केवल 1,248 पदों पर ही कर्मचारी तैनात थे, जबकि 1,596 पद खाली पड़े हैं. न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत सिलेबस और किताबें तैयार करने में एनसीईआरटी का सबसे बड़ा रोल है, ऐसे में खाली पद एक चिंता का विषय बन चुके हैं. खाली पदों का पूरा ब्योरा कुछ ऐसा है-
- शैक्षणिक (Academic): 145 पद
- स्कूल शिक्षण: 131 पद
- मंत्रालयिक/दफ्तरी: 916 पद
- सहायक/अन्य (Ancillary): 404 पद
CBSE में कितने पद खाली?
CBSE में कुल स्वीकृत 2,117 पदों में से 933 पद (44%) खाली हैं. सबसे अधिक कमी ग्रुप ‘सी’के पदों पर है, जहां 595 पद खाली हैं. बोर्ड अपना काम चलाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर निर्भर है. हालांकि संसदीय समिति ने चेतावनी दी है कि स्थायी कर्मचारियों की कमी से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा और क्वालिटी पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि समिति ने भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और जल्द से जल्द स्थायी पदों को भरने की सिफारिश की है.
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CBSE का दायरा कितना बड़ा?
सीबीएसई एक सेल्फ फंडेड संस्था है, जिसे सरकार से कोई अनुदान नहीं मिलता. सीबीएसई से जुड़े स्कूलों की संख्या 1992-93 में 3,787 थी, जो बढ़कर 31,234 हो चुकी है. वर्तमान में सीबीएसई का कामकाज 25 क्षेत्रीय कार्यालयों और 5 उप-क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए चलाया जा रहा है. साल 2025 में 10वीं में 23.8 लाख से ज्यादा और 12वीं में 17 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए.



