Home Hacks: टूटे वाइपर को फेंकने की गलती न करें! इस शानदार जुगाड़ से घर पर करें मजबूत रिपेयर
घर की सफाई में इस्तेमाल होने वाला फर्श का वाइपर ऐसी चीज है, जिसकी जरूरत लगभग हर दिन पड़ती है। बाथरूम से लेकर किचन और दूसरे कमरों तक पानी हटाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन लगातार पानी के संपर्क, दबाव और लापरवाही से रखने के कारण इसका हैंडल अक्सर नीचे के जोड़ से टूट जाता है। कई बार लोहे के हैंडल में जंग लग जाती है, तो कभी प्लास्टिक का सॉकेट कमजोर होकर अलग हो जाता है।
ऐसी स्थिति में लोग अक्सर नया वाइपर खरीद लेते हैं, जबकि कई मामलों में खराबी केवल हैंडल या उसके जोड़ तक सीमित होती है। थोड़ी समझदारी और सही सामग्री की मदद से इसे दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सकता है। हालांकि, मरम्मत का तरीका इस बात पर निर्भर करेगा कि वाइपर का कौन-सा हिस्सा खराब हुआ है और उसमें कितना नुकसान पहुंचा है।
सबसे पहले समझें कि वाइपर का हैंडल क्यों टूटता है
वाइपर का निचला जोड़ सबसे ज्यादा दबाव झेलता है। जब फर्श पर पानी हटाने के लिए हैंडल को बार-बार आगे-पीछे धकेला जाता है, तो इस हिस्से पर लगातार बल पड़ता है।
इसके अलावा कुछ सामान्य गलतियां भी वाइपर की उम्र कम कर देती हैं:
- इस्तेमाल के बाद वाइपर को लगातार गीला छोड़ देना।
- लोहे के हैंडल में जंग लगने देना।
- जरूरत से ज्यादा दबाव डालकर पानी हटाना।
- टूटे हुए जोड़ के बावजूद वाइपर का इस्तेमाल जारी रखना।
- कमजोर प्लास्टिक सॉकेट में गलत आकार की डंडी लगाना।
इसलिए मरम्मत शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि समस्या केवल जोड़ में है या पूरा हैंडल बदलने की जरूरत है।
प्लास्टिक की बोतल से बना सकते हैं अस्थायी सपोर्ट
अगर वाइपर के जोड़ में हल्की दरार है और मुख्य हिस्सा अभी मजबूत है, तो प्लास्टिक की बोतल का टुकड़ा अस्थायी सपोर्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके लिए बोतल को काटकर एक उपयुक्त प्लास्टिक पट्टी तैयार करें। टूटे हुए हिस्से के आसपास इसे इस तरह लगाएं कि दरार ढक जाए और जोड़ को अतिरिक्त सहारा मिले।
इसके बाद उपयुक्त मजबूत वाटरप्रूफ टेप से उसे कसकर लपेट सकते हैं। ध्यान रखें कि यह तरीका केवल हल्की दरार या ढीले जोड़ के लिए है। पूरी तरह टूटे हुए या जंग से कमजोर हो चुके मेटल हैंडल पर यह भरोसेमंद मरम्मत नहीं है।
प्लास्टिक को आग या तेज गर्मी देकर सिकोड़ने की कोशिश न करें। इससे प्लास्टिक पिघल सकता है, जहरीला धुआं निकल सकता है और हाथ जलने का खतरा भी रहता है।
हैंडल पूरी तरह खराब है तो लगाएं नया पाइप या डंडी
अगर पुराने हैंडल में गहरी जंग लग चुकी है या वह नीचे से पूरी तरह टूट गया है, तो उसे बदलना ज्यादा बेहतर विकल्प है।
इसके लिए सही व्यास वाला PVC पाइप, मजबूत लकड़ी की डंडी या वाइपर के सॉकेट के अनुकूल नया हैंडल इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि नई डंडी सॉकेट में ठीक से फिट होनी चाहिए। बहुत पतली डंडी लगाने से वह इस्तेमाल के दौरान हिल सकती है, जबकि जरूरत से ज्यादा मोटी डंडी लगाने पर प्लास्टिक का सॉकेट टूट सकता है।
जोड़ को मजबूत करने के लिए उपयुक्त फिक्सिंग क्लिप या निर्माता के अनुसार फिटिंग का इस्तेमाल बेहतर रहेगा। केवल सुपर ग्लू या टेप पर निर्भर रहना सही नहीं है, क्योंकि लगातार दबाव और पानी के संपर्क में इनकी पकड़ कमजोर हो सकती है।
मरम्मत के बाद तुरंत जोर लगाकर इस्तेमाल न करें
वाइपर का जोड़ ठीक करने के बाद उसे कुछ समय दें। अगर किसी एडहेसिव का इस्तेमाल किया है, तो उसके पैकेट पर दिए गए सूखने और पूरी तरह सेट होने के निर्देशों का पालन करें।
इसके बाद पहले हल्के हाथ से जांचें कि हैंडल हिल तो नहीं रहा और जोड़ में कोई नई दरार तो नहीं आई है। अगर हैंडल ढीला महसूस हो या सॉकेट में क्रैक दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
टूटे हुए हैंडल पर ज्यादा दबाव डालने से वह अचानक अलग हो सकता है, जिससे हाथ या पैर में चोट लगने की आशंका रहती है।
वाइपर को बार-बार टूटने से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें
मरम्मत करने से ज्यादा जरूरी है कि वाइपर दोबारा खराब न हो। इसके लिए कुछ सामान्य सावधानियां काफी उपयोगी हो सकती हैं।
1. इस्तेमाल के बाद पानी निकालें: वाइपर के हैंडल और जोड़ पर जमा पानी को कपड़े से पोंछ दें।
2. सूखी जगह पर रखें: इसे लंबे समय तक गीले बाथरूम के फर्श पर पड़ा न छोड़ें। संभव हो तो दीवार पर लगे हुक से टांग दें।
3. जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें: जिद्दी गंदगी या पानी हटाने के लिए हैंडल को जरूरत से ज्यादा मोड़ना नुकसान पहुंचा सकता है।
4. जंग की समय पर जांच करें: मेटल हैंडल और निचले जोड़ पर जंग के शुरुआती निशान दिखाई दें तो उसकी स्थिति जांचें। गहराई तक जंग लगने पर हैंडल बदलना बेहतर है।
5. सही आकार का हैंडल चुनें: नया पाइप या डंडी लगाते समय वाइपर के सॉकेट का आकार जरूर जांचें।
कब जुगाड़ के बजाय नया वाइपर खरीदना बेहतर है?
हर टूटे हुए वाइपर की मरम्मत सुरक्षित नहीं होती। अगर प्लास्टिक का मुख्य सॉकेट टूट चुका है, मेटल हैंडल अंदर तक जंग खाकर कमजोर हो गया है या रबर ब्लेड का आधार भी क्षतिग्रस्त है, तो नया वाइपर लेना ज्यादा समझदारी है।
घर में छोटी-मोटी चीजों की मरम्मत करना पैसे और संसाधनों की बचत का अच्छा तरीका है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। सही समय पर छोटी खराबी ठीक करने और इस्तेमाल के बाद उचित देखभाल करने से घरेलू सफाई के उपकरण लंबे समय तक काम आ सकते हैं।




