देशभर में मौजूद कई ब्रिटिश कालीन ऐतिहासिक इमारतें और ढांचे जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं, जिन्हें संरक्षण की सख्त जरूरत है। एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि अनेक महत्वपूर्ण धरोहरें अभी भी Archaeological Survey of India (ASI) के संरक्षण दायरे से बाहर हैं। इसके कारण इन इमारतों की नियमित देखभाल और मरम्मत नहीं हो पा रही, जिससे इनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई पुराने रेलवे भवन, चर्च, पुल और प्रशासनिक संरचनाएं ऐतिहासिक महत्व की होने के बावजूद उपेक्षा का शिकार हैं। समिति ने सरकार से अपील की है कि इन स्थलों की पहचान कर उन्हें संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल किया जाए, ताकि समय रहते उनका संरक्षण और पुनरुद्धार किया जा सके।
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संसदीय समिति ने यह भी सुझाव दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एक व्यापक योजना तैयार करें, जिससे देश की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में कई महत्वपूर्ण ब्रिटिश कालीन संरचनाएं हमेशा के लिए खो सकती हैं।


