दुनिया में कई जगह वाहनों को पेट्रोल-डीजल से चलाने के बजाय रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल पर जोर दिया रहा है। अब फिनलैंड में एक ऐसा यॉट तैयार किया गया है जो कि सोलर पावर से चलता है। इस यॉट लंबाई 11 मीटर है, जिसने सूरज से बनी बिजली के जरिए समुद्र में 3,000 नॉटिकल मील से ज्यादा की यात्रा पूरी करके नया इतिहास रचा है। लुकास स्योमन ने इस यॉट को डिजाइन और तैयार किया है जो कि सामान्य डीजल या पेट्रोल इंजन के बजाय सोलर पैनल और बैटरी पर चलती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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इस यॉट के प्रोजेक्ट में करीब $20,000 का खर्च आया। यह यॉट कम लागत के साथ रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाली बोटिंग के प्रैक्टिकल एक्सपेरिमेंट के तौर पर तैयार हुई है। इस यॉट की यात्रा से यह भी पता चलता है कि किस प्रकार एनर्जी मैनेजमेंट और लाइट बोट डिजाइन के साथ पेट्रोल-डीजल पर निर्भर हुए बिना लंबी दूरी की यात्रा की जा सकती है। लुकास स्योमन ने बोट को लाइट और एनर्जी-एफिशिएंट बनाने पर ध्यान दिया। बोट में बिजली बनाने के लिए सोलर पैनल लगाए गए। बैटरी ने प्रोपल्शन और दूसरे ऑनबोर्ड सिस्टम के लिए पावर को स्टोर किया।
- यॉट का मेन एनर्जी सिस्टम सोलर पैनल से बना है जो कि बैटरी से कनेक्टेड है।
- ये पैनल दिन के समय बिजली बनाते हैं जिसे तुरंत इस्तेमाल करने के साथ स्टोर किया जा सकता है।
- जब सूरज की रोशनी कम होती है जैसे रात के समय या बादल होने पर तो बैटरी से एनर्जी मिलती है।
- इस सिस्टम के चलते यॉट चलाने के लिए ईंधन के तौर पर डीजल या पेट्रोल की जरूरत नहीं पड़ती।
- सोलर एनर्जी बनाने और बैटरी में स्टोर करने की सुविधा से यॉट को बार-बार फ्यूल भरवाने के लिए रुकने की जरूरत नहीं पड़ती है।
- यॉट धूप में चलती रहती है और सूरज की रोशनी के जरिए बैटरी को पावर मिलती रहती है।
- इससे बड़ी मात्रा में फ्यूल ले जाने की जरूरत भी कम हो जाती है, जिससे याट का वजन बढ़ता है।
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5500 हजार किमी की यात्रा
इस यॉट के सोलर सिस्टम को 3,000 नॉटिकल मील (5500 हजार किमी) से ज्यादा लंबी यात्रा के जरिए टेस्ट किया गया। लंबी दूरी की यात्रा में एनर्जी का सही मैनेजमेंट किया गया है, क्योंकि नेविगेशन और दूसरे इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट सभी को एक ही बैटरी सिस्टम से पावर मिली। इससे पता चला कि छोटी बोट भी लंबी दूरी की यात्रा कर सकती है। सोलर पैनल सामान्य इंजन के मुकाबले में बहुत स्लो स्पीड से पावर बनाते हैं। इसलिए लाइट बॉडी और एफिशिएंट इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन बहुत जरूरी है। इस यॉट को लगातार कम मात्रा में पावर का इस्तेमाल करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है।
इस प्रोजेक्ट से पता चलता है कि कैसे लोग आसानी से उपलब्ध टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके रिन्यूएबल प्रोपल्शन आजमा सकते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है कि सोलर पावर से हर प्रकार की बोट चलाई जा सकती है। सोलर पावर पूरी तरह से धूप पर निर्भर करता है और बैटरी की स्टोरेज क्षमता सीमित होती है। मगर सोलर पैनल, बैटरी स्टोरेज, लाइट डिजाइन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन को मिलाकर इस्तेमाल ऐसा किया जा सकता है जो कि छोटी बोट के लिए लंबी दूरी की यात्रा के लिए जरूरी फॉसिल फ्यूल की मात्रा को कम कर सकती हैं।



