रायपुर : छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की लेटलतीफी को रोकने और कामकाज को समयबद्ध बनाने के लिए आज से छत्तीसगढ़ बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम मंत्रालय में लागू हो गया है। नई व्यवस्था के तहत अब हर कर्मचारी को दिन में दो बार—एक बार ऑफिस में प्रवेश के समय और एक बार बाहर निकलते समय—अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे न सिर्फ देर से आने वालों पर नियंत्रण होगा, बल्कि समय से पहले कार्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति पर भी लगाम लगेगी।
Share Market Live Updates 1 December: सेंसेक्स 350 अंक ऊपर, महीने की शुरुआत नए रिकॉर्ड के साथ
सरकार का मानना है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। मंत्रालय में आज से यह सिस्टम पूरी तरह लागू हो चुका है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों की कार्य समय के प्रति जिम्मेदारी सुनिश्चित करना और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
20 नवंबर से इस सिस्टम का ट्रायल रन चल रहा था। इस टेस्टिंग दौर में तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं की जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लागू करते समय किसी प्रकार की दिक्कत न आए। सफल परीक्षण के बाद इसे अब आधिकारिक रूप से बाध्यतापूर्वक लागू कर दिया गया है।
श्रीलंका संकट में भारत का साथ: आर्थिक और मानवीय मदद से बन गया ‘देवदूत’
उपस्थिति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल ऐप आधारित फेसियल ऑथेंटिकेशन की सुविधा दी गई है। इससे कर्मचारी अपने स्मार्टफोन की मदद से आसानी से अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। वहीं, अधिकारियों के लिए आधार-सक्षम थंब-बेस्ड बायोमेट्रिक डिवाइस का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। इन उपकरणों के माध्यम से कर्मचारी की पहचान तुरंत सत्यापित हो जाएगी और डेटा सीधे सर्वर पर दर्ज होगा।


