छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़े पूर्व नक्सलियों और उनके परिवारों के जीवन में नई रोशनी लाने के लिए “मिशन खुशहाली” की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत एम्स रायपुर और जगदलपुर के महारानी अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम मिलकर सरेंडर नक्सलियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस करते हुए मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
मिशन के माध्यम से पूर्व नक्सलियों के परिवारों की नियमित स्वास्थ्य जांच, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं के टीकाकरण और पोषण संबंधी सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी। विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य परामर्श और उपचार प्रदान करेंगे, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
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प्रशासन का मानना है कि यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक पुनर्वास और विश्वास बहाली की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। “मिशन खुशहाली” के जरिए उन परिवारों के आंगन में फिर से किलकारियां गूंजेंगी, जिन्होंने वर्षों तक हिंसा और असुरक्षा का दौर देखा है। यह अभियान बस्तर में शांति, विकास और समावेशी समाज के निर्माण को नई गति देने का प्रयास माना जा रहा है।


