भारत के एविएशन सेक्टर को बड़ी मजबूती देने वाली खबर सामने आई है। उत्तर भारत में पहली बार विमान इंजन टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने की योजना शुरू की गई है, जिसे एक ब्रिटिश कंपनी के सहयोग से विकसित किया जाएगा। यह परियोजना देश में विमानन तकनीक और रखरखाव क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, इस टेस्टिंग सेंटर के बनने से विमान इंजनों की जांच और प्रमाणन के लिए विदेशी निर्भरता कम होगी। अभी तक कई मामलों में भारतीय कंपनियों को इंजन परीक्षण के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाते हैं। नया केंद्र बनने से घरेलू एविएशन उद्योग को तेज गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना रोजगार सृजन और तकनीकी कौशल विकास के लिहाज से भी अहम साबित होगी। इसके जरिए भारत वैश्विक विमानन सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत कर सकेगा और मेक इन इंडिया अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी।


