देश के विमानन क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को लेकर नई योजना लागू की है। इस योजना का मकसद ईंधन की कीमतों में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना और एयरलाइनों को बेहतर वित्तीय योजना बनाने में मदद देना है। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत एटीएफ की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विमानन उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में वृद्धि से एयरलाइनों की परिचालन लागत बढ़ सकती है, लेकिन सरकार की नई नीति लंबे समय में ईंधन आपूर्ति और मूल्य निर्धारण में अधिक स्थिरता सुनिश्चित करेगी। इससे एयरलाइनों को भविष्य की लागत का बेहतर अनुमान लगाने और व्यावसायिक रणनीति तैयार करने में सुविधा मिलेगी।
एयरलाइन कंपनियां फिलहाल इस फैसले का अध्ययन कर रही हैं। माना जा रहा है कि बढ़ी हुई ईंधन लागत का कुछ असर हवाई किरायों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि नई योजना का मुख्य उद्देश्य विमानन क्षेत्र को मजबूत करना और यात्रियों को बेहतर एवं निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराना है।





