दिग्गज गायिका Asha Bhosle के निधन के बाद सीने के संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह संक्रमण फेफड़ों या श्वसन तंत्र में बैक्टीरिया या वायरस के कारण होता है, जो खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण तेजी से बढ़कर निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि जब संक्रमण गंभीर हो जाता है, तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगता है और इसका असर दिल, किडनी और लिवर जैसे अहम अंगों पर पड़ सकता है। यही स्थिति आगे चलकर मल्टी-ऑर्गन फेलियर का कारण बन सकती है, जो जानलेवा साबित होती है। कमजोर इम्युनिटी, बढ़ती उम्र और पुरानी बीमारियां इस खतरे को और बढ़ा देती हैं।
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विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लगातार खांसी, सांस फूलना, बुखार और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी के गंभीर रूप लेने से बचा जा सकता है।


