अरब लीग के महासचिव के हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा कि मौजूदा हालात में रूस को सैन्य रूप से हराना किसी भी देश या गठबंधन के लिए बेहद मुश्किल है। उनके मुताबिक यह संघर्ष अब केवल युद्ध का नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक संतुलन और कूटनीतिक समाधान का विषय बन चुका है, जहां बातचीत ही स्थायी रास्ता हो सकता है।
ईरान-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए अरब लीग प्रमुख ने संयमित भाषा में दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए टकराव नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ जरूरी है। परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों को लेकर जारी खींचतान का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
अरब लीग प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन किसी एक पक्ष का समर्थन करने के बजाय शांति और संतुलन का पक्षधर है। उनके बयान को मौजूदा वैश्विक हालात में एक कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बहस को और तेज कर सकता है।


