भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ISRO ने क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित वापसी के लिए बेहद अहम ‘ड्रोग पैराशूट’ का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण गगनयान मिशन के रिकवरी सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ISRO के अनुसार, ड्रोग पैराशूट का इस्तेमाल अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के बाद क्रू मॉड्यूल की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह पैराशूट मुख्य पैराशूट के खुलने से पहले सक्रिय होता है और मॉड्यूल को स्थिर स्थिति में लाने में मदद करता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित हो सके।
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ड्रोग पैराशूट को खास तौर पर तेज गति, अत्यधिक दबाव और ऊंचे तापमान जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को झेलने के लिए डिजाइन किया गया है। ISRO वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सफल परीक्षण से गगनयान मिशन की विश्वसनीयता और सुरक्षा प्रणाली को और मजबूती मिली है। भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी में यह सफलता एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।


