अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एक हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन का खुलासा करते हुए बताया कि कैसे Iran में फंसे एक अमेरिकी पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ट्रंप के मुताबिक मिशन बेहद खतरनाक था क्योंकि “दुश्मन हर घंटे करीब आ रहा था” और पायलट की लोकेशन उजागर होने का खतरा लगातार बढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि हालात इतने तनावपूर्ण थे कि ऑपरेशन में देरी का मतलब पायलट की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।
ट्रंप ने बताया कि पायलट के फंसने की खबर मिलते ही विशेष बलों, खुफिया एजेंसियों और आधुनिक निगरानी तकनीक की मदद से तुरंत रेस्क्यू प्लान तैयार किया गया। मिशन को पूरी तरह गुप्त रखा गया ताकि दुश्मन को इसकी भनक न लगे। सटीक जानकारी और तेज कार्रवाई के चलते टीम पायलट तक पहुंची और उसे सुरक्षित निकालकर United States वापस लाने में सफल रही।
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पूर्व राष्ट्रपति ने इस ऑपरेशन को अमेरिकी सैन्य क्षमता और रणनीतिक समन्वय का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मिशन यह दिखाते हैं कि अमेरिका अपने नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन अब एक साहसिक और सफल मिशन के रूप में चर्चा में है।


