खेत में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर धर्मांतरण के आरोपों के बाद इलाके में तनाव फैल गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों और ईसाई समुदाय के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। बजरंग दल समेत हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा था।
बजरंग दल का दावा है कि इस तरह की सभाओं में कैंसर पीड़ितों और नि:संतान लोगों को टारगेट किया जाता है और उन्हें चमत्कार व इलाज का लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जाता है। संगठन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं, ईसाई समुदाय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल प्रार्थना सभा थी और किसी भी प्रकार का जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण नहीं किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन का कहना है कि वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।


