डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच एयरटेल ने बैंक फ्रॉड से बचाव के लिए नई AI आधारित पहल की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, अब अगर कोई ग्राहक संदिग्ध कॉल के दौरान OTP साझा करता है, तो सिस्टम उसे तुरंत रीयल-टाइम अलर्ट भेजेगा। इस तकनीक का उद्देश्य यूजर्स को ठगी से पहले ही सतर्क करना और वित्तीय नुकसान को रोकना है।
एयरटेल का AI सिस्टम कॉल पैटर्न, संदिग्ध नंबरों और संभावित फ्रॉड गतिविधियों का विश्लेषण करता है। यदि सिस्टम को लगता है कि कॉल बैंकिंग फ्रॉड से जुड़ी हो सकती है और उसी दौरान OTP साझा किया जा रहा है, तो यूजर को तुरंत मैसेज या नोटिफिकेशन के जरिए चेतावनी दी जाएगी। इससे ग्राहकों को तुरंत कार्रवाई करने, जैसे कि ट्रांजैक्शन रोकने या बैंक से संपर्क करने का मौका मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीकॉम नेटवर्क स्तर पर इस तरह की AI सुरक्षा परत जोड़ना साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा कदम है। डिजिटल पेमेंट्स और ऑनलाइन बैंकिंग के दौर में ऐसी पहल उपभोक्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ बैंक फ्रॉड की घटनाओं को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।


