पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि भारत के एयरलाइन क्षेत्र में जब तक ‘एकाधिकार जैसी स्थिति’ बनी रहेगी, तब तक हवाई किरायों पर सीमा लागू रहनी चाहिए। उन्होंने बढ़ते किरायों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कम प्रतिस्पर्धा और सीमित विकल्पों के कारण यात्री अत्यधिक दरें चुकाने को मजबूर हैं।
read also: रात में गुनगुने पानी से नहाने के 6 फायदे: स्ट्रेस कम करें और मासपेशियों के दर्द से पाएं राहत
चिदंबरम ने सरकार से मांग की कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एयरलाइन उद्योग में पारदर्शिता, उचित प्रतिस्पर्धा और मूल्य नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बाजार में संतुलन नहीं बनता और यात्रियों को पर्याप्त विकल्प नहीं मिलते, तब तक किरायों की ऊपरी सीमा को हटाना उचित नहीं होगा।


